घोड़ी पर नहीं बैठने देने की मिली थी धमकी पुलिस जवानों और भीम आर्मी कार्यकताओं की मौजूदगी में निकला दलित दूल्हों का जुलूस
गौरव सरवारिया आगर मालवा आगर में सोमवार देर शाम को आगर कोतवाली थाना पुलिस की पहरे में दलित दूल्हों की बारात का जुलुश (बिंदौरी) निकाली गई। बिंदौरी के दौरान दूल्हे की बारात और दुल्हन के पिता और उसके परिजनों की सुरक्षा के लिए आगर कोतवाली थाना प्रभारी अनिल कुमार मालवीय सहित 15 से 20 पुलिस के जवान तैनात रहे। मामला आगर मालवा जिले के ग्राम पंचायत रलायती और डाबला पीपलोंन गांव का है, जहां पर असामाजिक तत्वों द्वारा दलित दूल्हा- दुल्हन के जुलूस को रोका गया था। पुलिस के पास शिकायत आने पर पुलिस बल की मौजूदगी में दलित दूल्हों का घोड़ी पर जुलूस निकाला गया।
दरअसल 02 मार्च 2025 को आगर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायती रलायती और डाबला पीपलोंन में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दलित दूल्हा दुल्हन के जुलूस रोके जाने की शिकायत दिनेश पिता कालूराम बुआल ने भीम आर्मी जिला अध्यक्ष अजय बागी के साथ उपस्थित होकर कि थी, जिसमें बताया गया था कि 02 मार्च को उसकी दोनों बहनों की बिंदोरी गांव में निकाली जा रही थी जिसमें कुछ असामाजिक तत्व द्वारा रास्ते में चार पहिया वाहन खड़ा कर बिंदोरी को नहीं निकलने दिया और वाद विवाद की स्थिति पैदा की गई। और यह भी बताया कि 03 मार्च 2025 को हमारे गांव रलायती में दोनों बहनों की बारात आनी है, जिसका जुलूस भी गांव में निकाला जाएगा लेकिन दबंगों से हमें धमकियां मिल रही है कि तुम्हारे यहां पर घोड़ी पर जुलूस नहीं निकलने दिया जाएगा।
शिकायत के आधार पर सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा द्वारा पुलिस बल का गठन कर ग्राम रलायती में भेजा गया जहां पर करीब 15 से 20 पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों दलित दलों का जुलूस निकल गया, दलित दूल्हे घोड़ी पर बैठे और पूरे गांव में घूमे और शकुशल शादी संपन्न की। सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
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